नई दिल्ली, 1 अक्टूबर।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार सुबह अपने एक्स हैंडल पर प्रतिदिन साझा किए जाने वाले सुभाषितम् के तहत महान कवि भर्तृहरि की रचना नीतिशतकम् का एक श्लोक साझा किया। इस श्लोक के माध्यम से उन्होंने लोगों को अपने लक्ष्य की प्राप्ति तक लगातार प्रयास करते रहने का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, “रत्नैर्महाब्धेस्तुतुषुर्न देवा न भेजिरे भीमविषेण भीतिम्। सुधां विना न प्रययुर्विरामं न निश्चितार्थाद्विरमन्ति धीराः॥”
पोस्ट में श्लोक का अर्थ भी बताया गया है। इसके अनुसार, जिस तरह देवताओं ने समुद्र से अनेक रत्न मिलने के बाद भी अमृत हासिल करने तक अपना प्रयास नहीं रोका, उसी तरह धैर्यवान और दृढ़ संकल्प वाले व्यक्ति अपने निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति होने तक निरंतर प्रयास करते रहते हैं।














