नई दिल्ली, 01 अक्टूबर।
उच्चतम न्यायालय ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट को फ्रीज किए गए चार बैंक खातों के संचालन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती, जिसमें खातों को संचालित करने की मांग खारिज की गई थी।
अदालत ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा पार्टी के चुनाव चिह्न को फ्रीज किए जाने के कारण संबंधित रकम पर अधिकार किसका है, इस सवाल पर अभी फैसला होना बाकी है। इससे पहले 3 सितंबर को उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय को सुझाव दिया था कि पार्टी के रोजमर्रा के कामकाज के लिए कुछ राशि उपलब्ध कराई जा सकती है।
सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने कहा कि संबंधित राशि पहले से उपलब्ध है और 164 करोड़ रुपये जब्त नहीं किए गए हैं। तृणमूल कांग्रेस की ओर से पेश कपिल सिब्बल ने इस दलील का विरोध करते हुए पार्टी को राहत देने की मांग की।
दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के दौरान तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों को फ्रीज किया था। इसके बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर खातों के संचालन की अनुमति मांगी। उच्च न्यायालय से याचिका खारिज होने के बाद मामला उच्चतम न्यायालय पहुंचा था।














