नई दिल्ली, 01 अक्टूबर।
सरकार ने त्योहारी सीजन के दौरान चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी रोकने के लिए व्यापारियों के स्टॉक नियमों में बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत चीनी कारोबारियों के लिए स्टॉक रखने की अवधि घटाकर 15 दिन कर दी गई है और सामान्य स्टॉक सीमा 1,000 क्विंटल तय की गई है। ये नियम इस महीने की 15 तारीख से नवंबर तक प्रभावी रहेंगे।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, कोलकाता और उसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्रों के साथ असम में स्टॉक रखने की अधिकतम सीमा 2,000 क्विंटल निर्धारित की गई है। मंत्रालय ने बताया कि कोलकाता उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से चीनी मंगाकर पूर्वी हिस्से के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र में इसकी आपूर्ति करता है।
असम के लिए अधिक स्टॉक सीमा तय करने के पीछे भौगोलिक परिस्थितियों, परिवहन व्यवस्था और पूर्वोत्तर क्षेत्र के उपभोक्ताओं के हित को ध्यान में रखा गया है। सरकार का उद्देश्य त्योहारी मांग के दौरान बाजार में चीनी की आपूर्ति सुचारू बनाए रखना है।
मंत्रालय के मुताबिक, खुदरा चीनी की औसत कीमत अगस्त के उच्चतम स्तर से 15 प्रतिशत घट चुकी है और इसमें आगे भी कमी आने की उम्मीद है। मिल से निकलने वाली चीनी की कीमत में भी करीब 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और पिछले तीन सप्ताह से इसमें स्थिरता बनी हुई है।
सरकार के अनुसार कीमतों में कमी चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और बाजार में इसकी व्यवस्थित आवाजाही के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का असर है। थोक और खुदरा विक्रेताओं से भी कहा गया है कि मिल स्तर की कीमतों में आई उल्लेखनीय कमी का लाभ तुरंत उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए।














