इस्त्रा, 02 अक्टूबर।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि मोदी लगातार संघर्ष समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर देते हैं और दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान तलाशने के लिए उनके पास अच्छे विचार हैं।
पुतिन ने ये बातें वल्दाई डिस्कशन क्लब की 23वीं वार्षिक बैठक के पूर्ण सत्र में कहीं। उन्होंने कहा कि रूस के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंध होने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी लगातार यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने का मुद्दा उठाते रहे हैं। पुतिन ने शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में मोदी की रुचि के लिए उनका आभार भी जताया।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी संघर्ष को जल्द समाप्त करने और सभी पक्षों को स्वीकार्य समाधान खोजने में वास्तविक रुचि रखते हैं। उन्होंने भारत की स्थिति को तटस्थ बताते हुए कहा कि नई दिल्ली संघर्ष के अंत में वास्तविक रुचि रखती है।
अपने संबोधन में पुतिन ने वैश्विक व्यवस्था में हो रहे व्यापक बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजनीति, अर्थव्यवस्था, तकनीक, ऊर्जा, जलवायु, चिकित्सा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता समेत कई क्षेत्रों में बड़े परिवर्तन हो रहे हैं। उनके अनुसार, इन बदलावों से नए अवसरों के साथ गंभीर जोखिम भी सामने आ रहे हैं।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता बताई। पुतिन के मुताबिक, वैश्विक संस्थाओं को मौजूदा परिस्थितियों और विभिन्न क्षेत्रों के बढ़ते प्रभाव को अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिबिंबित करना चाहिए।
पुतिन ने बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के उभरने का जिक्र करते हुए कहा कि भविष्य में एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और मध्य पूर्व की भूमिका बढ़ेगी। उन्होंने इस बदलाव को लंबी और जटिल प्रक्रिया बताते हुए इससे जुड़ी अनिश्चितताओं का भी उल्लेख किया।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव पर पुतिन ने तकनीकी और आर्थिक लाभों के साथ इसके सामाजिक एवं मानवीय प्रभावों पर विचार करने की जरूरत बताई। उन्होंने डिजिटल संप्रभुता और नई तकनीकों के जिम्मेदार इस्तेमाल को महत्वपूर्ण बताया।
यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में पुतिन ने रूस के पुराने रुख को दोहराते हुए पश्चिमी देशों और नाटो की नीतियों को संघर्ष के लिए जिम्मेदार ठहराया। रूस के इस दृष्टिकोण से यूक्रेन और पश्चिमी देशों की स्थिति अलग है।
पुतिन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में स्थायी स्थिरता के लिए देशों को एक-दूसरे के हितों और सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए समझौते की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उनके अनुसार, बदलती वैश्विक व्यवस्था में संवाद और आपसी समझ भविष्य की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होंगे।














