मुरादाबाद, 02 अक्टूबर।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मुरादाबाद के मोहल्ला ईदगाह स्थित मुस्तफा मस्जिद के ध्वस्तीकरण से संबंधित नोटिस को चुनौती देने वाली जीशान अहमद फरीद की याचिका का निस्तारण कर दिया है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने की। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने अदालत को बताया कि प्राधिकरण ने विवादित नोटिस को तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण मानते हुए वापस ले लिया है।
अदालत को यह भी बताया गया कि अब संबंधित प्राधिकरण कानून के प्रावधानों के अनुसार नया नोटिस जारी करेगा। प्राधिकरण की ओर से दिए गए इस बयान को रिकॉर्ड में लेते हुए न्यायालय ने याचिका का निस्तारण कर दिया।
यह याचिका मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की ओर से उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत 21 अगस्त 2026 को जारी कारण बताओ नोटिस के खिलाफ दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ता ने नोटिस को रद्द करने की मांग की थी।
याचिका में यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया था कि पाकबड़ा थाना क्षेत्र में दिल्ली रोड पर टीएमयू के पास मोहल्ला ईदगाह स्थित मुस्तफा मस्जिद को सील या ध्वस्त न किया जाए। इसके अलावा मस्जिद का बिजली और पानी कनेक्शन नहीं काटने तथा किसी भी तरह की दंडात्मक या बलपूर्वक कार्रवाई नहीं करने की मांग भी की गई थी।














