सागर, 2 अक्टूबर।
महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को सागर केंद्रीय जेल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मध्य प्रदेश शासन की जेल विभाग की रिहाई नीति के तहत सजा में विशेष छूट देते हुए पांच आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदियों को रिहा किया गया। कार्यक्रम में जेल अधीक्षक रमेशचंद्र आर्य, सहायक जेल अधीक्षक सौरभ सिंह चौहान सहित जेल के अधिकारी, कर्मचारी और बंदी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक ने महात्मा गांधी के अहिंसात्मक आंदोलन, असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों की जानकारी दी। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन और त्याग से जुड़े संस्मरण साझा किए। सहायक जेल अधीक्षक ने दोनों महान व्यक्तित्वों के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाए।
रिहाई के अवसर पर जेल अधीक्षक ने बंदियों से भविष्य में अपराध से दूर रहने और जेल में सीखे कौशल व व्यावसायिक प्रशिक्षण का उपयोग परिवार के भरण-पोषण के लिए करने की अपील की। सामाजिक संगठन रामसरोज समूह के शैलेष केशरवानी, मोनी केशरवानी सहित सदस्यों ने रिहा बंदियों को श्रीमद्भगवद्गीता, गंगाजल और महाकाल अंकित मफलर भेंट किए। गोकल पिता मोती को लेने परिजन नहीं पहुंचे तो समूह ने उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने की व्यवस्था की।














