रांची, 03 अक्टूबर।
झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में कथित अनियमितता के मामले में जेल में बंद आयोग के पूर्व अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते ने जमानत के लिए झारखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने निचली अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। हालांकि, उनकी याचिका पर सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने इससे पहले खियांग्ते की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। बचाव पक्ष ने निचली अदालत में कहा था कि जांच के दौरान उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला और छापेमारी में भी कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। वहीं, अपराध जांच विभाग का आरोप है कि परीक्षा संचालन का जिम्मा टीडीपीएल को सौंपने में खियांग्ते की भूमिका थी। जांच एजेंसी के अनुसार, टीडीपीएल की परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही थी और इसकी जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। जांच में खियांग्ते पर टीडीपीएल से कथित तौर पर दो करोड़ रुपये कमीशन लेने का आरोप भी है। निचली अदालत में उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कुमार और अधिवक्ता चंदना कुमारी ने पक्ष रखा था।














