खंडवा, 5 अक्टूबर।
हरसूद के ग्राम छनेरा में वीरांगना रानी दुर्गावती की 502वीं जयंती पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती ने प्रजा के सुख को अपना धर्म माना और कृषि, जल प्रबंधन तथा आधारभूत ढांचे को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि रानी साहस, स्वाभिमान और शक्ति की प्रतीक थीं।
कार्यक्रम में पहली बार गोंडवाना साम्राज्य के तत्कालीन 52 गढ़ों के राजवंशजों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने उन्हें साफा पहनाकर खड्ग और प्रतीक चिह्न भेंट किए।
मुख्यमंत्री ने खंडवा सहित छह जिलों के 3 लाख 54 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को 21 करोड़ 34 लाख रुपये से अधिक बोनस बांटा। खंडवा वन मंडल की समितियों से जुड़े 26 हजार 400 से अधिक हितग्राहियों को 4 करोड़ 58 लाख रुपये का काष्ठ लाभांश भी दिया गया।
उन्होंने खंडवा में करीब 143 करोड़ रुपये के 18 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। क्षेत्र के लिए सिंचाई, बिजली, विद्यालय, छात्रावास, खेल परिसर और जनजातीय सुविधाओं से जुड़ी कई घोषणाएं भी कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सरकार जनजातीय समाज के विकास के लिए काम कर रही है।














