नई दिल्ली, 05 अक्टूबर।
दूरसंचार विभाग के संचार साथी पोर्टल को मई 2023 में शुरू किए जाने के बाद से अब तक 30 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है। पोर्टल के माध्यम से 14 लाख से ज्यादा गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही संदिग्ध साइबर ठगी से होने वाले 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के संभावित नुकसान को रोकने में भी मदद मिली है।
केंद्रीय संचार मंत्रालय के अनुसार, संचार साथी नागरिकों को एक ही मंच पर कई सुविधाएं उपलब्ध कराता है। यहां संदिग्ध कॉल, एसएमएस और व्हाट्सएप संदेशों की शिकायत दर्ज की जा सकती है। लोग अपने नाम पर चल रहे मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी लेने के साथ गुम या चोरी हुए फोन को बंद भी करा सकते हैं। मोबाइल फोन की वास्तविकता की जांच की सुविधा भी पोर्टल पर उपलब्ध है।
मंत्रालय ने बताया कि नागरिकों से मिलने वाली सूचनाएं साइबर अपराध रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन जानकारियों का विश्लेषण कर उपयोगी खुफिया सूचना तैयार की जाती है, जिसके आधार पर दूरसंचार विभाग, बैंक और कानून प्रवर्तन एजेंसियां ठगी करने वालों पर कार्रवाई कर सकती हैं। इसी वजह से संचार साथी का इस्तेमाल करने वाले नागरिकों को ‘साइबर वॉरियर’ कहा गया है।
पोर्टल की ‘चक्षु’ सुविधा से फर्जी केवाईसी, बिजली बिल, बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, निवेश, नौकरी और ऋण से जुड़े संदिग्ध संदेशों की शिकायत की जा सकती है। अपने नाम पर जारी अनधिकृत या जरूरत नहीं होने वाले मोबाइल कनेक्शनों को बंद कराने का अनुरोध भी किया जा सकता है।
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 60.96 लाख गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन बंद किए जा चुके हैं। इनमें 37.85 लाख फोन का पता लगाया गया और 14 लाख से अधिक बरामद हुए। चार करोड़ से ज्यादा नागरिकों के मोबाइल कनेक्शन से जुड़े अनुरोधों का भी निपटारा किया गया है।














