नई दिल्ली, 05 अक्टूबर।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की सराहना करते हुए इसे भारत की व्यापार समझौतों को लेकर अपनाई जा रही रणनीति का उदाहरण बताया। नई दिल्ली में आयोजित म्यूनिख लीडर्स मीटिंग में उन्होंने कहा कि यह समझौता करीब दो अरब लोगों की आबादी और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के लगभग एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाली अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ता है। उन्होंने इसे उचित रूप से ‘सभी समझौतों की जननी’ करार दिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि समझौते में दोनों पक्षों के लिए पूरक बाजार पहुंच का प्रावधान किया गया है और साथ ही प्रतिस्पर्धात्मकता पर प्रतिकूल असर न पड़े, इसका भी ध्यान रखा गया है।
सीतारमण ने बताया कि समझौते के तहत भारत ने अपनी 92.5 प्रतिशत शुल्क दर वाली मदों को खोल दिया है, जो व्यापार मूल्य के लिहाज से करीब 97 प्रतिशत के बराबर है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था भारत के व्यापारिक हितों और बाजार पहुंच के बीच संतुलन को दर्शाती है। कार्यक्रम में फ्रांस के यूरोप और विदेश मंत्रालय में यूरोपीय मामलों के मंत्री प्रतिनिधि बेंजामिन हद्दाद ने भी भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को अहम अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता यूरोप और भारत के बीच व्यापार को दोगुना करने की संभावना पैदा करता है।














