बांदा, 05 अक्टूबर।
अयोध्या की यश पेपर मिल में केमिकल इंजीनियर के तौर पर काम करने वाले बांदा के ओरन निवासी आशीष शिवहरे की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को शिवहरे-जायसवाल समाज के बड़ी संख्या में लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ मृतक के परिवार को पांच करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी। समाज के लोगों का दावा है कि आशीष की मौत दुर्घटना नहीं, बल्कि साजिश के तहत की गई हत्या हो सकती है और आरोप है कि हत्या के बाद शव को केमिकल से भरे गड्ढे में डाल दिया गया।
मृतक के पिता आनंद शिवहरे के मुताबिक आशीष करीब तीन साल से पेपर मिल में कार्यरत था। उन्होंने कंपनी के एक वरिष्ठ मैनेजर और उसके सहयोगियों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। पिता ने यह भी बताया कि फरवरी में आशीष ने करीब तीन लाख रुपये तीन-चार महीने के लिए किसी व्यक्ति को दिए थे और रकम वापस मांगने को लेकर विवाद चल रहा था। इसके अलावा उन्होंने कंपनी में कथित केमिकल घोटाले की जानकारी बेटे को होने और इसकी सूचना प्रबंधन तक पहुंचने की आशंका के चलते उसकी हत्या की साजिश रचे जाने का दावा किया। पिता ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए शरीर पर करीब 16 से 17 चोटों के निशान होने तथा बालू व अन्य कणों से घसीटे जाने और हाथ-पैर मरोड़े जाने जैसे निशान मिलने की बात कही। उनका दावा है कि रिपोर्ट में पानी में डूबने को मौत का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। परिवार और समाज ने घटना की निष्पक्ष जांच, आरोपितों की गिरफ्तारी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि जल्द न्याय नहीं मिलने पर मामला मुख्यमंत्री और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।














