नई दिल्ली, 05 अक्टूबर।
एशियाई खेल 2026 के समापन के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय दल के सभी सदस्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने दृढ़ संकल्प, जुनून और शानदार खेल भावना के साथ देश का प्रतिनिधित्व किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सभी पदक विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन से देश को गर्व और खुशी मिली है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि इन खेलों से आने वाले वर्षों में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि एशियाई खेलों की उपलब्धियां देश में जमीनी स्तर पर खेलों को मजबूत करने में मदद करेंगी।
भारत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य समेत कुल 85 पदक जीते। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। यह एशियाई खेलों के इतिहास में देश का दूसरा सबसे बड़ा पदक संग्रह है।
जापान में भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने अपने एशियाई खेलों के खिताब बरकरार रखे। दोनों कबड्डी टीमों ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर अपना खिताब बचाया। महिला हॉकी टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से शिकस्त दी और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक के लिए 44 साल का इंतजार खत्म किया।
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी भारत के खिलाड़ियों ने इतिहास रचा। प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में गोल्फ की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
17 वर्षीय कुमकुम मोहद ने भी महाद्वीपीय प्रतियोगिता में व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर नया इतिहास बनाया।
लवलीना बोरगोहेन एशियाई खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं। उनसे पहले यह उपलब्धि मैरी कॉम ने हासिल की थी।
खेलों में भारत के लिए एथलेटिक्स सबसे ज्यादा पदक दिलाने वाला खेल रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स में कुल 24 पदक जीते। शूटिंग में भारत को 15 पदक मिले।
स्वर्ण पदकों के लिहाज से तीरंदाजी भारत का सबसे सफल खेल रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने इस खेल में कुल पांच स्वर्ण पदक अपने नाम किए।














