नई दिल्ली, 05 अक्टूबर।
दलित कार्यकर्ता और पीएचडी शोधार्थी डॉ. रोहिणी घावरी ने सांसद चंद्रशेखर आजाद पर शोषण के आरोप लगाए हैं। प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर उन्होंने दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में याचिका दायर की है। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी उनकी बात नहीं सुनी जा रही है।
डॉ. रोहिणी ने बताया कि उनकी कानूनी लड़ाई 6 अगस्त 2025 से चल रही है। उन्होंने कहा कि किसी घटना के बाद न्याय के लिए कानून का सहारा लेना नागरिक का अधिकार है और उन्हें अब भी अदालत से अपनी बात सुने जाने तथा न्याय मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि स्विट्जरलैंड में अपना स्थापित करियर छोड़कर वह न्याय की उम्मीद में भारत लौटीं। उनका कहना है कि दिल्ली पुलिस ने उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई करने के बजाय उन्हें परेशान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद मार्ग थाने में उन्हें करीब 12 घंटे तक बैठाए रखा गया।
डॉ. रोहिणी के अनुसार, हवाई अड्डा पुलिस थाने में भी उनके साथ इसी तरह का व्यवहार हुआ और उनकी शिकायत पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उन्होंने कहा कि मामला अदालत में पहुंचने के बाद भी पुलिस की ओर से देरी की जा रही है। अदालत पुलिस को पहले ही तीन बार समय दे चुकी है। सोमवार की सुनवाई के दौरान भी पुलिस ने अतिरिक्त समय मांगा।














