कारंजा (बालाघाट), 05 अक्टूबर।
बालाघाट जिले के कारंजा गांव में बालासाहेब देवरस और भाऊराव देवरस की पैतृक भूमि पर स्मृति भवन और नेत्रालय का लोकार्पण 6 अक्टूबर को होगा। दोपहर 2:30 बजे होने वाले कार्यक्रम में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत लोकार्पण करेंगे। बालासाहेब एवं भाऊराव देवरस सेवान्यास के तत्वावधान में तैयार स्मृति भवन देवरस बंधुओं के जीवन, विचार और सामाजिक योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराने का केंद्र बनेगा, जबकि माधव नेत्रालय द्वारा संचालित बालासाहेब देवरस नेत्रालय क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा का विस्तार करेगा। यहां पहले से महिलाओं को सिलाई मशीनों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नए नेत्रालय से मध्य प्रदेश के बालाघाट और महाराष्ट्र के गोंदिया जिले सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों को उपचार की सुविधा मिलने की उम्मीद है। अब तक आंखों के इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भर लोगों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से समय, खर्च और परेशानी कम हो सकती है। कार्यक्रम का मूल संदेश “राष्ट्र सेवा ही परम धर्म” रखा गया है।
कारंजा में बने दोनों भवनों की भूमिका अलग-अलग होगी, लेकिन दोनों का उद्देश्य देवरस बंधुओं की सेवा और समर्पण की विरासत को आगे बढ़ाना है। स्मृति भवन उनके जीवन और संघ कार्य से जुड़ी स्मृतियों को संजोएगा, वहीं नेत्रालय सेवा कार्य को व्यावहारिक रूप देगा। बालासाहेब देवरस संघ के तृतीय सरसंघचालक रहे और उन्होंने सेवा गतिविधियों को विशेष महत्व दिया, जबकि भाऊराव देवरस ज्येष्ठ प्रचारक के रूप में संगठन कार्य में सक्रिय रहे। लोकार्पण समारोह में महाकोशल और विदर्भ से स्वयंसेवकों, समाजसेवियों तथा गणमान्य नागरिकों के पहुंचने की संभावना है। आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह है और अतिथियों के आवास, भोजन व बैठक की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आयोजकों ने आगंतुकों से पूर्व सूचना देने का आग्रह किया है। बालाघाट के लिए यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इससे एक ओर स्मृति और प्रेरणा का केंद्र तैयार होगा, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रवासियों को नई नेत्र चिकित्सा सुविधा मिलने की शुरुआत होगी।














