नई दिल्ली, 05 अक्टूबर।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन को भारत में तैयार की गई चीज की तीन खास किस्में ‘गुलमर्ग’, ‘कोणार्क’ और ‘यूर’ उपहार में दीं। इसके साथ ही उन्होंने कश्मीर की पारंपरिक कला को प्रदर्शित करने वाला अखरोट की लकड़ी से तैयार हस्तनिर्मित दीवार पैनल भी भेंट किया।
‘गुलमर्ग’ फ्रांसीसी शैली का मुलायम और क्रीमी चीज है, जिसे पाश्चुरीकृत गाय के दूध से बनाया जाता है। इसे 2026 के ‘मुंडियल डू फ्रॉमाज डू ब्राजील’ में ‘सुपर गोल्ड’ सम्मान मिला है।
‘कोणार्क’ फ्रांसीसी टोम शैली का चीज है। इसे 2023 में नॉर्वे में आयोजित ‘वर्ल्ड चीज अवार्ड्स’ में स्वर्ण और 2025 में स्विट्जरलैंड में रजत सम्मान मिल चुका है।
‘यूर’ पर्वतीय शैली का चीज है, जिसे स्विस ग्रुईयर से प्रेरणा लेकर तैयार किया गया है। इसे आठ से नौ महीने तक परिपक्व किया जाता है। इस प्रक्रिया से इसमें मेवों, मिठास और जड़ी-बूटियों जैसे स्वाद विकसित होते हैं। अच्छी तरह पिघलने के कारण इसका उपयोग फोंड्यू और ग्रिल किए जाने वाले व्यंजनों में भी किया जा सकता है।
स्विट्जरलैंड विभिन्न प्रकार के चीज के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। ऐसे में भारतीय चीज की इन तीन किस्मों का उपहार देश में विकसित हो रही चीज निर्माण परंपरा और इसकी विविधता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्विस राष्ट्रपति की पत्नी को गुजरात की पारंपरिक कला और शिल्प से जुड़े कच्छी शॉल तथा सादेली बॉक्स भी भेंट किए। सूरत का सादेली बॉक्स बारीक ज्यामितीय डिजाइनों के लिए प्रसिद्ध है। कच्छी शॉल अपनी पारंपरिक बुनाई और विशिष्ट ज्यामितीय रूपांकनों के लिए जानी जाती है।
स्विस राष्ट्रपति को दिया गया अखरोट की लकड़ी का कश्मीरी दीवार पैनल हाथ से तैयार किया गया है। इसमें कश्मीर के पारंपरिक परिदृश्य, वनस्पतियों, मानव आकृतियों, घोड़ों, गाड़ियों और ग्रामीण जीवन के दृश्य उकेरे गए हैं। यह कश्मीर की पुरानी लकड़ी नक्काशी परंपरा और स्थानीय कारीगरों की दक्षता को दर्शाता है।














