प्रयागराज, 05 अक्टूबर।
उमेश पाल हत्याकांड में वांछित और अतीक अहमद का शूटर बताए जा रहे अरमान को प्रयागराज पुलिस ने सोमवार को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी मयंक कुमार की अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस अब उससे पूछताछ के लिए रिमांड लेने की तैयारी कर रही है।
अरमान को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत लाया गया। उसका चेहरा सफेद गमछे से ढका हुआ था। सुरक्षा में करीब 40 पुलिसकर्मी तैनात रहे। अदालत परिसर में भी 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें महिला पुलिसकर्मी, पीएसी, तीन एसीपी और बिहार पुलिस के कमांडो शामिल थे।
अरमान पिछले करीब तीन वर्षों से गया की जेल में बंद था। उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित है। प्रयागराज पुलिस उसे स्थानांतरण रिमांड पर प्रयागराज लेकर आई थी। पुलिस उससे उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े तथ्यों और मामले में फरार अन्य आरोपितों के बारे में पूछताछ करना चाहती है।
सरकारी वकील मनोज पांडेय ने बताया कि अदालत में अरमान को मामले से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। न्यायालय ने उससे अधिवक्ता की जरूरत के बारे में पूछा, जिस पर उसने वकील की आवश्यकता बताई। इसके बाद उसे नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने के लिए आवेदन लिया गया। मामले की अगली सुनवाई 14 दिन बाद होगी।
पुलिस ने अदालत को बताया कि अरमान की इस मामले में पहले गिरफ्तारी नहीं हुई थी। उसके बिहार की जेल में बंद होने की जानकारी मिलने के बाद अब उसकी गिरफ्तारी दर्ज की गई है। न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद पुलिस उससे पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है।
उमेश पाल हत्याकांड 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में हुआ था। पुलिस के अनुसार, घटना के सीसीटीवी फुटेज में अरमान बाइक चलाते और उसके साथ गुड्डू मुस्लिम को देखा गया था। पुलिस का दावा है कि दोनों ने वारदात के दौरान गोलीबारी की थी।














