भुवनेश्वर, 05 अक्टूबर।
ओडिशा के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों और सरकारी, स्वायत्त तथा अनुदान प्राप्त डिग्री महाविद्यालयों में 15 अक्टूबर को छात्रसंघ चुनाव होंगे। उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने सोमवार को इसकी घोषणा की। इसके साथ ही आठ वर्ष बाद राज्य में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया फिर शुरू होगी।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ बैठक के बाद उच्च शिक्षा मंत्री ने चुनाव कार्यक्रम की जानकारी दी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चुनाव कराने की अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया शुरू की।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सात अक्टूबर को चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी होगी। नौ अक्टूबर को सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक नामांकन दाखिल होंगे। इसी दिन दोपहर दो से चार बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होगी और शाम पांच बजे वैध उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी।
नामांकन वापस लेने के लिए 10 अक्टूबर को सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक का समय रहेगा। अंतिम उम्मीदवार सूची उसी दिन दोपहर तीन बजे प्रकाशित होगी। 14 अक्टूबर को उम्मीदवारों की ओर से ‘मैं चुनाव क्यों लड़ रहा हूं’ विषय पर सभा होगी।
15 अक्टूबर को सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद दोपहर दो बजे से मतगणना शुरू होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे। निर्वाचित प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण 16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे होगा।
अधिसूचना में चुनाव को राजनीतिक दलों से पूरी तरह अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं। केवल शैक्षणिक प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से प्रवेश लेने वाले नियमित पूर्णकालिक विद्यार्थी ही चुनाव लड़ और मतदान कर सकेंगे। दूरस्थ शिक्षा तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी चुनाव प्रक्रिया में भाग नहीं ले पाएंगे।
उम्मीदवारों के लिए पात्रता भी तय की गई है। स्नातक स्तर के प्रत्याशी की आयु अधिसूचना जारी होने के दिन 17 से 22 वर्ष और स्नातकोत्तर उम्मीदवार की अधिकतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए। संबंधित शैक्षणिक वर्ष में कोई शैक्षणिक बकाया नहीं होना चाहिए और कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी होगी।
उम्मीदवार के खिलाफ कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड या लंबित अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। चुनाव में प्रत्येक उम्मीदवार के खर्च की अधिकतम सीमा 5,000 रुपये रखी गई है।
विभाग ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सभी नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा है। चुनाव प्रक्रिया इस तरह संचालित की जाएगी कि पढ़ाई प्रभावित न हो और शिक्षण-अधिगम कार्य में अनावश्यक व्यवधान न आए।














