खरगोन, 05 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 के तहत सात देशों से आए 16 विदेशी टूर ऑपरेटर्स के प्रतिनिधियों ने सोमवार को महेश्वर के ग्रामीण पर्यटन गांव नावड़ा तोड़ी और बोथू का भ्रमण किया। विदेशी मेहमानों ने नर्मदा नदी, ग्रामीण जीवन, प्राकृतिक होमस्टे, खेती, स्थानीय खान-पान और निमाड़ी लोक संस्कृति को करीब से जाना।
पर्यटन विभाग के नोडल अधिकारी नीरज अमझरे के अनुसार नावड़ा तोड़ी के रामघाट पर ग्रामीण पर्यटन से जुड़े हितग्राहियों ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इसके बाद सभी नाव से बोथू नर्मदा घाट पहुंचे। यहां ग्रामीण परिवेश में संचालित होमस्टे का भ्रमण किया गया।
स्थानीय मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों से तैयार पारंपरिक आवासों को देखकर विदेशी प्रतिनिधियों ने ग्रामीण पर्यटन की अवधारणा और स्थानीय जीवनशैली को समझा। उन्होंने गांव में केले और पपीते की खेती भी देखी तथा कृषि आधारित ग्रामीण जीवन के बारे में जानकारी ली।
प्रतिनिधिमंडल को स्थानीय पारंपरिक व्यंजन भी परोसे गए। इनमें केले, छाछ, नींबू पानी सहित अन्य स्थानीय खाद्य पदार्थ शामिल थे। ग्राम की निमाड़ी भजन मंडली ने गीत, संगीत और नृत्य की प्रस्तुति देकर विदेशी मेहमानों को क्षेत्र की लोक संस्कृति से परिचित कराया।
अहिल्यादेवी के जीवन और सुशासन की मिली जानकारी
खरगोन कलेक्टर गुरु प्रसाद के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने सभी विदेशी आगंतुकों को लोकमाता अहिल्यादेवी के जीवन और उनके कार्यों पर आधारित पुस्तिका भेंट की। इसके माध्यम से उन्हें अहिल्यादेवी के जीवन, सुशासन, जनकल्याण और महेश्वर से उनके ऐतिहासिक संबंधों की जानकारी दी गई।
ग्रामीण पर्यटन गांवों के इस दौरे में विदेशी प्रतिनिधियों ने नर्मदा, प्रकृति, कृषि, पारंपरिक आवास, स्थानीय भोजन और लोक संस्कृति को एक साथ अनुभव किया। नावड़ा तोड़ी और बोथू में ग्रामीणों की भागीदारी से पर्यटन के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।














