नई दिल्ली, 05 अक्टूबर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन के बीच सोमवार को नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने परिवहन प्रौद्योगिकी, गतिशीलता प्रणालियों और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और स्विस नेशनल साइंस फाउंडेशन के बीच आशय पत्र भी हुआ। इसके अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा ज्यूरिख यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज के बीच नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्यमिता में सहयोग के लिए कार्यान्वयन व्यवस्था पर सहमति बनी। संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को आगे बढ़ाने की राष्ट्रपति पार्मेलिन की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के देशों के साथ व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता भारत का किसी यूरोपीय आर्थिक समूह के साथ पहला मुक्त व्यापार समझौता है। इसके तहत भारत अगले 15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आकर्षित करने और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। भारत और स्विट्जरलैंड ने भारतीय कृषि उत्पादों, दवाओं, कपड़ा और इंजीनियरिंग वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने तथा स्विस निवेश को सुगम बनाने के फैसले भी किए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों से जैव प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान, बैंकिंग, बीमा, खाद्य प्रसंस्करण और टिकाऊ विकास जैसे क्षेत्रों में स्विट्जरलैंड से नए निवेश आने की संभावनाएं बढ़ेंगी। दोनों देश विश्व के लिए भरोसेमंद आपूर्ति शृंखलाएं और विश्वसनीय समाधान विकसित करने पर भी मिलकर काम करेंगे। वार्ता में सैन्य आदान-प्रदान और रक्षा उत्पादन में सहयोग की नई संभावनाओं तथा परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में साझेदारी को और गहरा करने पर भी सहमति बनी। तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सोमवार सुबह नई दिल्ली पहुंचे राष्ट्रपति पार्मेलिन के साथ वरिष्ठ अधिकारियों और कारोबारी नेताओं का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आया है। हवाई अड्डे पर उनका स्वागत सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने किया। इसके बाद राष्ट्रपति भवन में द्रौपदी मुर्मू और नरेंद्र मोदी ने उनका औपचारिक स्वागत किया तथा उन्हें तीनों सेनाओं की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पार्मेलिन ने कहा कि यात्रा दोनों देशों के रिश्तों के महत्व को रेखांकित करने और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विश्वास व आपसी सम्मान पर आधारित साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी उनसे मुलाकात की और भारत-ईएफटीए समझौते के तहत सहयोग आगे बढ़ाने की बात कही। पार्मेलिन ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। शाम को वे राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात करेंगे और राष्ट्रपति उनके सम्मान में राजकीय भोज की मेजबानी करेंगी।














