रांची, 05 अक्टूबर।
झारखंड उच्च न्यायालय ने रामगढ़ जिले के प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर के पुनरुद्धार से संबंधित मामले में राज्य सरकार से विस्तृत स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। संजीव कुमार सिंह की अवमानना याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने पर्यटन विभाग के सचिव को शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने पूछा है कि मंदिर के पुनरुद्धार के लिए तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर विभाग ने अब तक क्या कार्रवाई की है और प्रस्तावित योजना के लिए धनराशि किस मद से उपलब्ध कराई जाएगी। पूर्व आदेश के अनुपालन में रामगढ़ के उपायुक्त और पर्यटन विभाग के सचिव अदालत में उपस्थित हुए। सरकार की ओर से बताया गया कि पुनरुद्धार के लिए तैयार डीपीआर की अनुमानित लागत 102 करोड़ रुपये है और राशि अधिक होने के कारण संबंधित संचिका विभागीय मंत्री के पास भेजी गई है।
अदालत ने सरकार के इस जवाब के बाद पर्यटन सचिव को शपथ पत्र के माध्यम से डीपीआर की प्रगति और वित्तीय व्यवस्था से जुड़ी पूरी जानकारी देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। हालांकि उस दिन रामगढ़ के उपायुक्त और पर्यटन विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने से छूट दी गई है और वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में शामिल हो सकेंगे। यह मामला संजीव कुमार सिंह की ओर से दाखिल अवमानना याचिका से जुड़ा है, जिसमें रजरप्पा मंदिर के पुनरुद्धार को लेकर अदालत के पहले दिए गए आदेशों के अनुपालन का मुद्दा उठाया गया है। सोमवार को याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा।














