नई दिल्ली, 05 अक्टूबर।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि भारत इस वर्ष दिसंबर तक कम से कम तीन अन्य देशों के साथ द्विपक्षीय निवेश संरक्षण समझौतों को अंतिम रूप देने की तैयारी में है। नई दिल्ली में आयोजित म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि निवेश संधियों के लिए एक नया और अधिक निवेशक-अनुकूल प्रारूप तैयार किया जा चुका है, जिसे शीघ्र ही केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने की संभावना है। यह संशोधित ढांचा दोनों पक्षों के निवेशकों को पहले की तुलना में अधिक मजबूत और स्पष्ट सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।
वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि भारत ने इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और कुछ मध्य एशियाई देशों के साथ भी ऐसे ही समझौते संपन्न किए हैं। इसके साथ ही, कनाडा और रूस सहित कई प्रमुख देशों के साथ द्विपक्षीय निवेश सुरक्षा समझौतों को लेकर वर्तमान में सक्रिय बातचीत जारी है। सरकार का यह कदम वैश्विक निवेशकों के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत करने तथा देश में विदेशी निवेश के प्रवाह को सुगम बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।














