नई दिल्ली, 6 अक्टूबर।
दिल्ली में वस्त्र उद्योग विकास परिषद की पहली बैठक में देश के वस्त्र और परिधान क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ पूरी मूल्य श्रृंखला को एकीकृत करने पर जोर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव ने की।
बैठक में वस्त्र उद्योग के विकास के लिए आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने, अनुसंधान एवं विकास को मजबूत करने तथा निर्यात और वैश्विक बाजार तक पहुंच बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
कच्चे माल और अन्य आवश्यक सामग्री की उपलब्धता, निवेश, कौशल विकास और टिकाऊ उत्पादन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। सचिव नीलम शमी राव ने कहा कि वस्त्र और परिधान क्षेत्र रोजगार देने तथा निर्यात से आय अर्जित करने वाले देश के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है।
उन्होंने उत्पादन, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच को मजबूत करने के लिए पूरी मूल्य श्रृंखला में समन्वित तरीके से काम करने की जरूरत बताई।
बैठक में प्राथमिकता वाले विषयों पर तेजी से काम करने और उनकी नियमित समीक्षा के लिए कार्य समूह तथा उप-समितियां गठित करने पर सहमति बनी। परिषद सरकार को नीतिगत और रणनीतिक कदमों के लिए ठोस सुझाव देगी।
इन प्रयासों का उद्देश्य घरेलू उत्पादन बढ़ाना, अनुसंधान को औद्योगिक स्तर पर उपयोग में लाना, निर्यात में लगातार वृद्धि करना तथा निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
बैठक में वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, प्रमुख उद्योग संगठन, निर्यात संवर्धन परिषद, अनुसंधान संस्थानों, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि और क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हुए।














