नई दिल्ली, 6 अक्टूबर।
रेलवे ने 40 घंटे से अधिक समय लेने वाली 11 लंबी दूरी की ट्रेनों में स्वच्छता और यात्री सुविधाओं की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इन ट्रेनों में शुरुआती स्टेशन से अंतिम गंतव्य तक सफाई, शौचालय, कचरा प्रबंधन और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
रेलवे बोर्ड ने जोनल रेलवे को कहा है कि यात्रा के दौरान सफाई और शौचालयों से जुड़ी कमियों को दूर किया जाए। कोचों में होने वाली छोटी-मोटी खराबियों की मरम्मत भी रास्ते में ही कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इन ट्रेनों की निगरानी संबंधित अनुरक्षण डिपो, कोचिंग डिपो अधिकारियों और मंडल रेल प्रबंधकों द्वारा की जाएगी। निगरानी के दायरे में विवेक एक्सप्रेस, अवध असम एक्सप्रेस, रानी कमलापति-अगरतला एक्सप्रेस, अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस और दानापुर-एसएमवीटी बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस शामिल हैं।
पुणे-सुपौल एक्सप्रेस, अमृतपाली एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, राजगीर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस, हावड़ा-यशवंतपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस और अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस को भी विशेष निगरानी के लिए चुना गया है।
रेलवे ने मार्ग में चिन्हित स्वच्छ ट्रेन स्टेशनों पर पर्याप्त कर्मचारी, उपकरण और जरूरी सामग्री उपलब्ध रखने को कहा है। जैव-शौचालयों की भी यात्रा के दौरान जांच होगी और प्रत्येक दो घंटे में कोचों से कचरा एकत्र करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
शुरुआती, बीच के और गंतव्य स्टेशनों पर कोच तथा शौचालयों की समय दर्ज वाली तस्वीरें लेने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे यात्रियों की बार-बार मिलने वाली शिकायतों के कारणों का विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाएगा।














