नई दिल्ली, 6 अक्टूबर।
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को तीन नए न्यायाधीशों ने पद की शपथ ली। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत ने सुप्रीम कोर्ट सभागार में आयोजित समारोह में जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को शपथ दिलाई।
तीनों नियुक्तियों के साथ सर्वोच्च न्यायालय में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है। सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों के कुल 38 पद स्वीकृत हैं, ऐसे में अभी एक पद रिक्त है।
तीनों नामों की सिफारिश मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने 28 सितंबर को केंद्र सरकार को भेजी थी। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 अक्टूबर को नियुक्तियों को मंजूरी देते हुए अधिसूचना जारी की थी।
जस्टिस सुनीता अग्रवाल सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति से पहले गुजरात हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश थीं। वह इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट की न्यायाधीश भी रह चुकी हैं और 29 अप्रैल 2031 को सेवानिवृत्त होंगी।
जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट में भी मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाली है। उनका कार्यकाल 15 जून 2030 तक रहेगा।
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह इससे पहले तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे। उनका मूल हाई कोर्ट झारखंड है और वह त्रिपुरा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भी रह चुके हैं। वह 6 जुलाई 2030 को सेवानिवृत्त होंगे।
जस्टिस सुनीता अग्रवाल की नियुक्ति के साथ सुप्रीम कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की संख्या भी बढ़कर तीन हो गई है। इससे पहले जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस वी. मोहना कार्यरत थीं।














