सतना, 06 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश के चित्रकूट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार एक स्थानीय आदिवासी किसान का जब्तशुदा ट्रैक्टर तत्काल रिहा कराने की मांग को लेकर सोमवार दोपहर करीब दो बजे से लेकर आधी रात के बारह बजे तक यानी लगभग दस घंटे तक धरने पर डटे रहे। यह पूरा मामला मझगवां वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कररिया बीट के चुनहाहार इलाके से जुड़ा हुआ है, जहां वन विभाग की टीम ने वन भूमि पर कथित तौर पर अवैध रूप से जुताई किए जाने के आरोप में बिना नंबर के एक ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया था। जब पीड़ित किसान ने न्याय के लिए विधायक से गुहार लगाई, तो विधायक मझगवां रेंज कार्यालय जा पहुंचे और अमले पर ट्रैक्टर छोड़ने का दबाव बनाने लगे। हालांकि, वन अधिकारियों द्वारा बिना विधिक प्रक्रिया पूरी किए वाहन छोड़ने से साफ इनकार करने के बाद विधायक अपने समर्थकों व ग्रामीणों के साथ कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए।
धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह प्रशासनिक लवाजमे के साथ मौके पर पहुंचे और विधायक को मनाने के तमाम प्रयास किए, लेकिन वे अपनी मांग पर अडिग रहे। हालांकि, देर रात मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आने के बाद विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संवाद किया, जिसके पश्चात उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया। दूसरी ओर, मझगवां रेंजर रंजन सिंह परिहार और चित्रकूट एसडीओ अभिषेक तिवारी ने स्पष्ट किया कि जमीन संबंधी कोई वैध दस्तावेज न मिलने पर नियमानुसार प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई है और बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए वाहन को छोड़ा नहीं जा सकता था।














