नई दिल्ली, 6 अक्टूबर।
प्रवर्तन निदेशालय ने ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और साइबर ठगी से जुड़े कथित धनशोधन मामले में राम यू. रामधनी को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार, उनकी कंपनी के बैंक खातों के जरिए सैकड़ों करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए और साइबर अपराध से प्राप्त धन को वैध दिखाने की कोशिश की गई।
ईडी की मुंबई क्षेत्रीय इकाई ने बताया कि रामधनी को 28 सितंबर 2026 को धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। मुंबई की विशेष अदालत ने पहले उन्हें सात दिन की ईडी हिरासत में भेजा और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
जांच दो प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी। इनमें ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और साइबर धोखाधड़ी के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये ठगने के आरोप हैं। जांच में सामने आया कि कथित ठगी की रकम कई फर्जी और माध्यम खातों के जरिए घुमाकर एडसम फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड तक पहुंचाई गई।
ईडी के मुताबिक, यह कंपनी राम यू. रामधनी द्वारा स्थापित और नियंत्रित बताई गई है। एजेंसी का दावा है कि वह कंपनी के प्रबंधन, कारोबार और संचालन पर नियंत्रण रखते थे।
जांच में कंपनी के बैंक खातों का संबंध ऑनलाइन गेमिंग, निवेश धोखाधड़ी, ऑनलाइन टास्क फ्रॉड, डिजिटल गिरफ्तारी और क्रिप्टो आधारित धोखाधड़ी जैसे मामलों से सामने आया है। खातों के माध्यम से रकम को कई स्तरों पर स्थानांतरित किया गया।
ईडी ने बताया कि कंपनी विभिन्न भुगतान मंचों और बैंकिंग माध्यमों से धन जमा करने और भुगतान करने की सेवाएं उपलब्ध कराती थी। गिरफ्तारी बैंक लेनदेन के विश्लेषण, पीएमएलए के तहत दर्ज बयानों और दस्तावेजी व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई।
इससे पहले पुणे, मुंबई और बेंगलुरु में कई परिसरों पर तलाशी ली गई थी। इस दौरान दस्तावेज बरामद हुए और विभिन्न बैंक खातों में जमा करीब 60 लाख रुपये फ्रीज किए गए। मामले में धन के स्रोत, प्रवाह और अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।














