नई दिल्ली, 06 अक्टूबर।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव सुधारों के मुद्दे पर विपक्षी दलों और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा निकाले गए मार्च को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के माध्यम से कहा कि 19 राजनीतिक दलों द्वारा निकाला गया यह विरोध प्रदर्शन देश के लोकतंत्र की बेहतरी के लिए नहीं, बल्कि चुनावों में लगातार मिल रही हार से उपजी खीज और जनादेश का अनादर करने का एक प्रयास मात्र है। चौहान ने मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा रखी गई मुख्य तीन मांगों—मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने और देश में दोबारा बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग—को सिरे से खारिज करते हुए इसे देश की चुनावी व्यवस्था को अंधकार के पुराने दौर में धकेलने की साजिश करार दिया है।
केंद्रीय मंत्री ने चुनाव प्रक्रिया में आए सकारात्मक बदलावों का समर्थन करते हुए स्पष्ट किया कि ईवीएम (EVM) और फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्रों ने ماضی के मुकाबले बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान की कुप्रथाओं पर पूरी तरह लगाम लगाई है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को मतदाता सूची की शुद्धता के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि सूचियों से मृत, डुप्लीकेट और अन्य स्थानों पर जा चुके मतदाताओं के नाम हटाना निष्पक्ष चुनाव के लिए अनिवार्य है, और यदि इस सफाई अभियान का ही विरोध किया जाने लगे तो पारदर्शी चुनाव कराना असंभव हो जाएगा। अस्सी और नब्बे के दशक के दौर को याद करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार में बैलेट पेपर के समय होने वाली धांधलियों का हवाला दिया और कहा कि विपक्ष देश को एक बार फिर उसी अराजकता और पुरानी व्यवस्था की ओर ले जाने की फिराक में है।














