भोपाल, 06 अक्टूबर।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखे गए एक पत्र के सार्वजनिक होने के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। दरअसल, राहुल गांधी ने 29 सितंबर को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पिछले 46 दिनों से भोपाल में आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन किया था, जिसमें उन्होंने वर्ग-2 और वर्ग-3 के खाली पदों की संख्या में भारी बढ़ोतरी करने, अभ्यर्थियों के खिलाफ जारी नोटिस वापस लेने और दूसरे चरण की काउंसलिंग अविलंब शुरू करने की मांग उठाई थी। इस राजनीतिक पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश के कौशल विकास मंत्री गौतम टेटवाल ने राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया और उन्हें 'बिना लक्ष्य की मिसाइल' करार देते हुए कहा कि उनके बयानों और निशानों का कोई तुक नहीं होता, इसलिए उन्हें बयानबाजी से पहले खुद का आत्मविश्लेषण करना चाहिए।
दूसरी ओर, मंत्री टेटवाल और खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इन तमाम दावों और आंदोलनों के बीच सरकार की रोजगारोन्मुखी नीतियों का जोरदार बचाव किया है। सोमवार को एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने अपने मौजूदा कार्यकाल के दौरान अब तक विभिन्न विभागों में 85 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां सौंपी हैं, और आगामी वर्ष के भीतर राज्य में एक लाख नए पदों पर बंपर भर्तियां की जाएंगी। इसके साथ ही, सरकार इसी वर्ष लगभग डेढ़ हजार नए पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रही है, जिससे यह साबित होता है कि प्रदेश का प्रशासन युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और रोजगार सृजन को लेकर पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध है।














