मुरैना, 06 अक्टूबर।
राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य के प्रतिबंधित क्षेत्र में हो रहे रेत के अवैध उत्खनन को रोकने की कोशिश ने बरवासिन गांव के एक परिवार की जिंदगी तबाह कर दी। अजमेर सिंह के परिवार के दो सदस्यों की हत्या के बाद अब पूरा गांव 60 हजार रुपये के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर के डर में जी रहा है। बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों का खेतों में जाना तक प्रभावित है। डकैत सोशल मीडिया के जरिए धमकियां देकर रेत का रास्ता रोकने वालों को जान से मारने की चेतावनी दे रहा है।
बरवासिन से करीब एक किलोमीटर दूर चंबल किनारे बसे अजमेर सिंह के पुरा के सामने से रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजरते थे। तेज रफ्तार वाहनों से बच्चों और मवेशियों को खतरा रहता था। इसे लेकर नत्थी सिंह के परिवार से विवाद बढ़ा। पंचायत के दौरान फायरिंग में अजमेर सिंह के दामाद रविंद्र गुर्जर की हत्या कर दी गई। वर्ष 2025 में उनके नाती अनिल गुर्जर की भी हत्या कर दी गई।
इसके बाद कल्ली परिजनों के साथ बीहड़ में चला गया। उस पर मुरैना, ग्वालियर समेत अन्य जिलों में हत्या, अपहरण और फायरिंग के मामले दर्ज हैं। उसके तीन भाई जेल में हैं, जबकि पिता रिश्तेदारों के यहां रह रहा है।
कल्ली सोशल मीडिया पर रील के जरिए पीड़ित परिवार और जेल अधिकारियों को धमका रहा है। मुरैना जेल अधीक्षक की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बिचपुरी क्षेत्र में उसकी मौजूदगी की सूचना पर जंगल की घेराबंदी भी की, लेकिन वह भाग निकला। एएसपी सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पुलिस टीमें लगातार उसकी तलाश कर रही हैं।














