कोलकाता, 06 अक्टूबर।
पश्चिम बंगाल की दो अतिसंवेदनशील विधानसभा सीटों नंदीग्राम और रेजीनगर पर मंगलवार को हो रहे उपचुनाव के दौरान मतदान की शुरुआत के साथ ही व्यापक हिंसा, झड़प और राजनीतिक हंगामे की खबरें सामने आई हैं। मतदान के शुरुआती घंटों में ही रेजीनगर से आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख एवं विधायक हुमायूं कबीर को पुलिस ने आचार संहिता के उल्लंघन और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया, जबकि नंदीग्राम में शांति भंग करने के शक में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष को भी हिरासत में ले लिया गया। रेजीनगर में पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस और धक्का-मुक्की के बाद एसडीपीओ आनंदजीत होर ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की। इसके अलावा, वाममोर्चा और कांग्रेस ने कई बूथों पर अपने पोलिंग एजेंटों को डराकर भगाने और मीडियाकर्मियों को वैध पास होने के बावजूद कवरेज से रोके जाने का गंभीर आरोप प्रशासन पर लगाया है।
उधर, नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में भी छिटपुट हिंसा का दौर जारी रहा, जहाँ सरबेड़िया के बूथ संख्या 212 पर सीपीआई उम्मीदवार के पोलिंग एजेंट और पूर्व विधायक मोहम्मद इलियास के बेटे शेख सद्दाम हुसैन पर हुए जानलेवा हमले के बाद उन्हें गंभीर हालत में नंदीग्राम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच शांति और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने नंदीग्राम में 37 और रेजीनगर में 34 कंपनियां केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनात की हैं, साथ ही मतदान से ठीक पहले नंदीग्राम थाने के प्रभारी अजय कुमार मिश्रा को भी पद से हटा दिया था। नंदीग्राम में कुल 2,66,419 और रेजीनगर में 2,56,564 पंजीकृत मतदाता शाम छह बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा और सुचारू निगरानी के लिए दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में कड़े प्रबंध किए गए हैं।














