सीहोर, 06 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश के सीहोर शहर से लगे एक आवासीय क्षेत्र के पास मंगलवार की सुबह बाघ की मौजूदगी की चौंकाने वाली सूचना मिलने से स्थानीय रहवासियों और प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिसके बाद अवधपुरी पानी की टंकी के समीपस्थ इलाकों में वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सघन सर्चिंग अभियान शुरू कर दिया है। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक सुबह के वक्त पानी की टंकी के पास एक बाघ को देखा गया था, जिसकी सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला फौरन हरकत में आया और आसपास के खेतों, झाड़ियों व सुनसान इलाकों की बारीकी से जांच की। इस दौरान छानबीन करने पर स्थानीय ग्रामीण सुनेर भाई के खेत में बाघ के स्पष्ट पगचिह्न और उसके बैठने के ताजा निशान बरामद हुए, जिससे वन्यजीव की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद वन कर्मियों ने पूरे इलाके में गश्त और कॉम्बिंग ऑपरेशन को काफी तेज कर दिया है।
संभावित मूवमेंट वाले क्षेत्रों में आधुनिक उपकरणों और सुरक्षा संसाधनों के साथ लगातार तलाश कर रही वन विभाग की टीम का मुख्य लक्ष्य बाघ की सटीक लोकेशन ट्रेस करके उसे सुरक्षित तरीके से मानव बस्तियों से दूर खदेड़ना है, वहीं दूसरी ओर इस घटना के बाद से आसपास की कॉलोनियों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष एडवाइजरी जारी की है, जिसके तहत लोगों से अपील की गई है कि वे खेतों तथा सुनसान रास्तों पर अकेले जाने से बचें, बच्चों को घरों से बाहर न निकलने दें और यदि कहीं भी बाघ या अन्य वन्यजीव नजर आए, तो उसके पास जाकर भीड़ लगाने के बजाय तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दें। पिछले कुछ दिनों से सीहोर के इछावर मार्ग तथा रातापानी अभयारण्य से सटे बुधनी व शाहगंज के ग्रामीण अंचलों में भी लगातार बाघ और तेंदुओं की आवाजाही की खबरें सामने आ रही हैं, जिसके चलते वन अमला हाई अलर्ट पर रहकर लगातार निगरानी बनाए हुए है।














