इंदौर, 11 मई।
इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि लंबित मामलों का समय पर और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने रेंडम रूप से लंबित शिकायतों की जांच की और कई मामलों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के वेतन काटने के निर्देश भी दिए।
इसके साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान, जनगणना कार्य और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए निरंतर निगरानी आवश्यक है।
फायर सेफ्टी को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए जी प्लस थ्री व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है। निरीक्षण में कमी पाए जाने पर कई भवनों को सील किया गया है और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सुगम्य भारत अभियान के तहत दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित वातावरण बनाने पर भी जोर दिया गया। अब तक 200 से अधिक भवनों का निरीक्षण किया जा चुका है, जिनमें रैम्प के साथ रेलिंग और अन्य सुविधाओं की कमी पाई गई, जिन्हें सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
जनगणना कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं शराब दुकानों के आसपास स्वच्छता, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और खाद्य सुरक्षा को लेकर भी विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
सड़क सुरक्षा को लेकर ब्लैक स्पॉट सुधार कार्यों की भी समीक्षा की गई और दुर्घटना संभावित स्थलों पर त्वरित सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि सड़क हादसों की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।



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