सुलतानपुर, 30 अप्रैल।
जिले के भेटौरा गांव में मंगलवार रात लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से किए गए हमले में एक युवक की हत्या के बाद मामला लगातार गरमाया हुआ है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा, लेकिन दूसरे दिन गुरुवार को भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका, क्योंकि परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
घटना के बाद मृतक की पत्नी और बहन बेहोश हो गईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मौके पर प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल तैनात रहा और लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास किया जाता रहा।
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम लगभग 28 वर्षीय जसवंत सिंह बाजार से सब्जी लेकर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान भेटौरा इंटर कॉलेज के पास घात लगाकर बैठे लोगों ने उन्हें रोक लिया और उन पर बेरहमी से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंभुआ ले जाया गया, फिर सुलतानपुर मेडिकल कॉलेज और वहां से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, लेकिन लखनऊ पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई।
मृतक के भाई ने ग्राम प्रधान पति और उनके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि ग्राम प्रधान के खिलाफ चल रही भ्रष्टाचार जांच को लेकर पुरानी रंजिश थी। आरोप है कि हमले में कई लोगों की भूमिका रही है। परिवार ने स्पष्ट कहा है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की घोषणा नहीं होती, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों को लगाया गया है। दूसरी ओर पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सुरक्षा के अभाव में परिवार के पलायन की स्थिति भी बताई जा रही है। प्रशासन की ओर से परिजनों को समझाने का प्रयास जारी है।





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