रोम 11 मई।
यूक्रेन की शीर्ष टेनिस खिलाड़ी एलीना स्वितोलिना ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के उस निर्णय पर असंतोष जताया है, जिसमें बेलारूस के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय ध्वज के साथ अंतरराष्ट्रीय खेलों में वापसी की दिशा में आगे बढ़ने की अनुमति देने का संकेत दिया गया है। इस फैसले के बाद खेल जगत में नई बहस तेज हो गई है।
वर्ष 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों तथा टीमों पर कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी को लेकर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी। उस समय बेलारूस पर रूस को यूक्रेन पर हमले में सहयोग देने के आरोप भी लगाए गए थे।
हाल ही में समिति ने अपने नए रुख में यह कहा कि अब वह बेलारूसी खिलाड़ियों और टीमों पर लगे प्रतिबंध को जारी रखने की सिफारिश नहीं कर रहा है। इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय खेल समुदाय में इस मुद्दे पर चर्चा और तीखी हो गई है।
इटैलियन ओपन के दौरान रोम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एलीना स्वितोलिना ने कहा कि यूक्रेन में अब भी लगातार मिसाइल हमले जारी हैं और ऐसे समय में बेलारूसी खिलाड़ियों की वापसी पर विचार करना उनके लिए अत्यंत पीड़ादायक और अस्वीकार्य है।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर लगातार रॉकेट हमले हो रहे हैं और रूस व बेलारूस को अब भी आक्रामक देश के रूप में देखा जाता है। ऐसे में इस तरह के फैसले पर विचार करना बेहद दुखद है और वह इस विचार का समर्थन नहीं करतीं।
स्वितोलिना पहले भी रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों के साथ मैच के बाद पारंपरिक हाथ मिलाने का बहिष्कार करती रही हैं। वर्तमान में इन दोनों देशों के टेनिस खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में तटस्थ खिलाड़ी के रूप में भाग ले रहे हैं, जिनके पास राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान की अनुमति नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ ने स्पष्ट किया है कि समिति के नए बयान के बावजूद रूस और बेलारूस के टेनिस महासंघों पर लगाया गया निलंबन फिलहाल जारी रहेगा। वहीं बेलारूस की सदस्यता स्थिति पर आगामी वार्षिक बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
दूसरी ओर, बेलारूस की शीर्ष खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में उन्हें अपना राष्ट्रीय ध्वज फिर से इस्तेमाल करने की अनुमति मिल सकती है।



.jpg)








