शंघाई, 07 मई।
भारत के लिए तीरंदाजी विश्व कप चरण-2 का गुरुवार दिन परिणामों के लिहाज से मिला-जुला रहा, महिला रिकर्व टीम ने रिकॉर्ड दस बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को पराजित कर देश के लिए पदक सुनिश्चित किया और पुरुष टीम को बांग्लादेश के खिलाफ शुरुआती दौर में ही हार का सामना करना पड़ा।
दीपिका कुमारी, अंकिता भकत और युवा खिलाड़ी कुमकुम मोहोड़ की भारतीय महिला टीम ने सेमीफाइनल में नई कोरियाई टीम को 5-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। अब स्वर्ण पदक मुकाबले में रविवार को भारत का सामना दूसरी वरीयता प्राप्त चीन से होगा।
पुरुष रिकर्व टीम के लिए दिन पूरी तरह निराशाजनक रहा। अनुभवी तरुणदीप राय, धीरज बोम्मदेवरा और यशदीप भोगे की तिकड़ी एक भी सेट अपने नाम नहीं कर सकी और बांग्लादेश से 2-6 से हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई।
महिला टीम ने पूरे दिन शानदार नियंत्रण और संतुलन दिखाते हुए लगातार तीन मुकाबले जीतकर फाइनल का रास्ता तय किया। सेमीफाइनल में भारत ने मजबूत शुरुआत करते हुए छह तीरों में चार बार दस अंक लगाए और पहला सेट 58 अंकों के साथ अपने नाम किया, कोरियाई टीम 55 अंकों तक ही पहुंच सकी।
दूसरे सेट में मुकाबला बराबरी पर रहा और स्कोर 56-56 से समाप्त हुआ, जिससे भारत को बढ़त बनी रही। तीसरे सेट में भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर 58 अंक बनाकर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया और सीधे सेटों में जीत दर्ज की।
यह जीत अपेक्षाकृत कम अनुभव वाली कोरियाई टीम के खिलाफ मिली, जिसे एशियाई खेलों की तैयारी के तहत उतारा गया था, जिसमें एक अनुभवी खिलाड़ी और कई नए खिलाड़ी शामिल थे।
इससे पहले भारतीय महिला टीम ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ शुरुआती संघर्ष के बाद 6-2 से जीत दर्ज की थी, जबकि क्वार्टरफाइनल में वियतनाम के खिलाफ मुकाबला शूटऑफ तक गया और भारत ने 28-25 से जीत हासिल की।
पुरुष टीम पूरे टूर्नामेंट में लय हासिल नहीं कर सकी। आठवीं वरीयता प्राप्त टीम पहले ही सेट से दबाव में आ गई और कोई भी सेट अपने नाम नहीं कर सकी। बांग्लादेश ने अंतिम सेट में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 57-53 से जीत दर्ज कर भारत को बाहर कर दिया।
अब मिश्रित टीम वर्ग के मुकाबले दोपहर सत्र में खेले जाएंगे।












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