23, मार्च
चैती छठ पूजा हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और अनुशासित पर्वों में से एक मानी जाती है, जो सूर्य देव और छठी मैया की उपासना को समर्पित है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 22 मार्च से प्रारंभ होकर चार दिनों तक श्रद्धा और नियमों के साथ मनाया जाएगा।
इस पर्व की शुरुआत “नहाय-खाय” से होती है, जिसमें व्रती स्नान कर शुद्धता के साथ सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं और इसके साथ ही व्रत की विधिवत शुरुआत हो जाती है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम भी है।
छठ पूजा वर्ष में दो बार मनाई जाती है—एक चैत्र मास में, जिसे चैती छठ कहा जाता है, और दूसरी कार्तिक मास में, जिसे कार्तिकी छठ के नाम से जाना जाता है। दोनों ही अवसरों पर भक्त पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ सूर्य उपासना करते हैं।
चैती छठ पूजा की यह शुरुआत ही पूरे पर्व की पवित्रता, अनुशासन और भक्ति भाव की झलक प्रस्तुत करती है, जो आने वाले दिनों में और भी गहराई से अनुभव की जाती है।












