देहरादून, 19 अप्रैल।
अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर रविवार को मां गंगा के जयघोष के बीच गंगोत्री धाम मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोल दिए गए। कपाटोद्घाटन के इस पावन क्षण के साक्षी सैकड़ों श्रद्धालु बने, जिन्होंने मंदिर में जल रही अखंड ज्योति के दर्शन कर आस्था और पुण्य का लाभ प्राप्त किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर धार्मिक आस्था व्यक्त की। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव ने जानकारी दी कि रविवार सुबह सात बजे भैरव घाटी स्थित प्राचीन भैरव मंदिर से मां गंगा की डोली यात्रा गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। यात्रा के दौरान आर्मी पाइप बैंड, ढोल-दमाऊं और रणसिंघे की धुनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते रहे।
लगभग नौ बजे डोली यात्रा गंगोत्री धाम पहुंची, जहां श्रद्धालुओं और तीर्थ पुरोहितों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। इसके बाद गंगा पूजन, सहस्त्रनाम पाठ, गंगा लहरी, श्रीसूक्त आदि वैदिक अनुष्ठान संपन्न हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री मंदिर के कपाट देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
कपाट खुलते ही श्रद्धालु मंदिर के भीतर स्थित अखंड ज्योति के दर्शन को उमड़ पड़े। सुबह से ही गंगा दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही। हजारों श्रद्धालुओं ने अक्षय तृतीया पर गंगा स्नान कर दान-पुण्य किया और पुण्य अर्जित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भी गंगोत्री धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना में भाग लिया और पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री के नाम से संपन्न कराई गई। इसी के साथ चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ भी हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं, साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक मुक्त यात्रा का संदेश भी दिया गया है।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, मंदिर समिति के पदाधिकारी और करीब दो हजार श्रद्धालु उपस्थित रहे।










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