नई दिल्ली, 13 अप्रैल।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संगठित अपराध पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात हाशिम बाबा गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक ऐसा फरार शूटर भी शामिल है, जो पिछले दो वर्षों से पुलिस की पकड़ से बचता आ रहा था। आरोपियों के पास से दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और ग्यारह जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं, जिससे गैंग की गतिविधियों का खुलासा हुआ है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार स्पेशल सेल की नई दिल्ली रेंज टीम ने ग्यारह अप्रैल की शाम गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। इस दौरान शादाब अहमद उर्फ शादाब चप्पल, उम्र अट्ठाईस वर्ष, को सिग्नेचर ब्रिज के पास गढ़ी मेंडू क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस मिले। शादाब गैंगस्टर सुहैल चप्पल का भांजा है और लंबे समय से फरार चल रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि शादाब वर्ष 2024 में सीलमपुर क्षेत्र में हुई गोलीबारी और हत्या के मामले में वांछित था। इस घटना में हाशिम बाबा गैंग के शूटरों ने प्रतिद्वंद्वी छेनू गैंग के सदस्यों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें अरबाज नामक व्यक्ति की मौत हो गई थी। पुलिस का कहना है कि यह वारदात उसने अपने मामा सुहैल चप्पल के साथ जेल विवाद का बदला लेने के लिए अंजाम दी थी। इसके अलावा वह एक अन्य हत्या प्रयास मामले में भी घोषित अपराधी था।
इसी क्रम में तीन अप्रैल को स्पेशल सेल ने गैंग के एक अन्य सदस्य मोहम्मद आदी उर्फ आदिल उर्फ टैविस, उम्र चौबीस वर्ष, को गिरफ्तार किया था। उसके पास से भी एक पिस्टल और छह जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि आदिल जेल में बंद गैंगस्टर आसद और दानिश उर्फ मल्लि के लिए रंगदारी वसूली के लक्ष्य तय कर रहा था। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी है, ताकि गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
इस कार्रवाई को राजधानी में सक्रिय संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।










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