लखनऊ, 20 अप्रैल।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 30 अप्रैल को विधानमंडल का विशेष सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस सत्र में महिला आरक्षण के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के माध्यम से मंजूरी प्रदान की गई है।
सरकारी निर्णय के अनुसार, विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव अब राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेज दिया गया है। उनकी स्वीकृति मिलने के बाद 30 अप्रैल से यह सत्र औपचारिक रूप से शुरू होगा। सरकार इस दौरान महिला आरक्षण पर अपना पक्ष स्पष्ट करेगी और विपक्ष को भी जवाब देने की रणनीति अपनाएगी।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार इस सत्र को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मान रही है और इसे महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपनी स्थिति मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है। वहीं, विपक्षी दलों को घेरने की रणनीति पर भी चर्चा की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार संसद में महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने में सफल नहीं हो सकी थी। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी और उसकी राज्य सरकारें विपक्षी दलों पर इस मुद्दे को लेकर लगातार हमला कर रही हैं और उन्हें जिम्मेदार ठहरा रही हैं।










