हाथरस, 19 अप्रैल।
सादाबाद क्षेत्र के पुसैनी गांव में जल जीवन मिशन के तहत ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान कब्रिस्तान की भूमि पर जेसीबी चलाए जाने से विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। खुदाई में कई कब्रें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे मौके पर तनाव फैल गया।
घटना के दौरान कुछ कब्रें टूटने से उनमें दफन अवशेष बाहर आ गए। यह दृश्य सामने आने पर मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए और नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए निर्माण कार्य रोक दिया और जल निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्य शुरू करने से पहले किसी प्रकार की सूचना या अनुमति नहीं ली गई।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि संबंधित भूमि लंबे समय से कब्रिस्तान के रूप में उपयोग में है, इसके बावजूद बिना सत्यापन के निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। सूचना मिलने पर लेखपाल और ग्राम प्रधान उमेश कुमार चौधरी मौके पर पहुंचे और ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि कब्रिस्तान क्षेत्र में टंकी का निर्माण नहीं होगा। ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि कार्य रोक दिया गया है और वैकल्पिक स्थान की तलाश की जाएगी।
घटना के बाद ग्रामीणों की मौजूदगी में बाहर आए अवशेषों को सम्मानपूर्वक पुनः दफनाया गया। ग्राम प्रधान ने क्षतिग्रस्त कब्रों की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया। वहीं जल निगम के सहायक अभियंता चंद्रपाल सिंह लोधी ने बताया कि कब्रें मिलने के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया है और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।










