हाई प्रोफाइल केस में पुलिस की गलती उजागर करने का जोश ऐसा चढ़ा कि सीधे ऊपरी जांच की मांग करा दी गई। घोषणा भी हो गई—मामला ऊपर जाएगा। लेकिन कब जाएगा, यह रहस्य ही बना हुआ है। इधर संबंधित अधिकारी, जो अब वहां नहीं है, उसकी सांसें अटकी हुई हैं। क्योंकि खेल संरक्षण में हुआ था, जो अब तक दबा रहा। डर यही है—ऊपरी जांच में अगर परतें खुल गईं, तो बड़े-बड़े बच जाएंगे और कोई बेचारा “बली का बकरा” बन जाएगा।












