नई दिल्ली, 25 मई ।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने कहा है कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल नीतियां बनाने से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए प्रभावी क्रियान्वयन, संस्थागत समन्वय और जनकेंद्रित शासन व्यवस्था जरूरी है। वह सोमवार को इंडिया हैबिटेट सेंटर में सांसदों और विधायकों के लिए आयोजित विशेष कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
नेशन फर्स्ट पॉलिसी रिसर्च एंड चेंज फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में देशभर से लोकसभा, राज्यसभा और विभिन्न विधानसभाओं के जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाएं, नई शिक्षा नीति, डिजिटल जनसंपर्क और प्रभावी शासन व्यवस्था जैसे अहम विषयों पर चर्चा की गई।
तरुण चुग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने करोड़ों परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई है और यह समावेशी विकास का मजबूत उदाहरण बनकर उभरी है।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 देश की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, कौशल आधारित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बना रही है। मातृभाषा आधारित शिक्षा, डिजिटल लर्निंग और स्किल डेवलपमेंट के जरिए युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा रहा है।
चुग ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब शिक्षा, स्वास्थ्य और सुशासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल दौर में जनप्रतिनिधियों के लिए प्रभावी संवाद और मीडिया सहभागिता पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
उनके अनुसार सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म अब जनता से सीधे जुड़ने का सशक्त माध्यम बन चुके हैं। यह न केवल लोकतंत्र को मजबूत करते हैं, बल्कि सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला में सांसद और वरिष्ठ हार्ट सर्जन डॉ. सी. एन. मंजूनाथ ने आयुष्मान भारत और स्वास्थ्य सेवाओं पर अपने विचार रखे। वहीं सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन के सीनियर डायरेक्टर सौरभ चोपड़ा ने नई शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा सुधारों को लेकर प्रस्तुति दी।
सांसद संबित पात्रा ने सोशल मीडिया विषय पर आयोजित सत्र में डिजिटल मीडिया, जनसंपर्क और प्रभावी संवाद रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।




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