मंदसौर, 18 अप्रैल।
सीतामऊ क्षेत्र में गेहूं की फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 16 किसानों पर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में कुल 42 हजार 500 रुपये का अर्थदंड वसूला गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में किसानों के बीच हलचल देखी गई।
पर्यावरण विभाग के वर्ष 1981 के प्रावधानों तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों के तहत फसल अवशेष जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में जुर्माना लगाया जाता है। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
अनुविभागीय अधिकारी के निर्देश पर सीतामऊ क्षेत्र के विभिन्न गांवों में निरीक्षण कर यह कार्रवाई सुनिश्चित की गई। अधिकांश किसानों पर 2,500-2,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि साखतली गांव के एक किसान पर 5,000 रुपये का अर्थदंड निर्धारित किया गया है।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे पराली या फसल अवशेषों को जलाने के बजाय वैकल्पिक तरीकों का उपयोग करें, जिससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण पर रोक लगेगी बल्कि भूमि की उर्वरता भी सुरक्षित रहेगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नरवाई जलाने की घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी।










.jpg)