जयपुर, 02 मई।
जयपुर साइबर क्राइम पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने व्हाट्सएप पर कंपनी के चेयरमैन की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर एक अकाउंटेंट को झांसा दिया और 5.30 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
इस मामले की जानकारी तब सामने आई जब गैलेक्सी माइनिंग कंपनी में अकाउंटेंट दीपेन्द्र सिंह ने 24 अप्रैल को साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि उसे कंपनी के मालिक के नाम और फोटो वाला व्हाट्सएप संदेश प्राप्त हुआ था, जिसमें तत्काल भुगतान के निर्देश थे। विश्वास कर उसने 5.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन बाद में यह साइबर ठगी साबित हुई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ठगी की राशि को कई बैंक खातों में घुमाया गया, फिर नकद निकासी के बाद इसे यूएसडीटी और हवाला के जरिए ठिकाने लगाया गया। जांच में यह सामने आया कि गिरोह के सदस्य बैंक खाते, पासबुक, चेकबुक और डेबिट कार्ड उपलब्ध कराते थे। इसके बाद आरोपी सार्वजनिक स्थानों पर मिलकर नकद लेन-देन और कमीशन का बंटवारा करते थे।
अधिकारी ने बताया कि आरोपियों में सोहेल खान, मोहम्मद राशीद, समीर, तोहिद मोहम्मद, नवीन सिंह चौहान और अन्य शामिल हैं। इस गिरोह में अलग-अलग लोग थे जो पैसे की ट्रैकिंग को छिपाने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।












