कोलकाता, 14 मई।
आसनसोल स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के कुनुस्तोरिया क्षेत्र की पड़ाशिया कोलियरी की भूमिगत खदान में हुए एयर ब्लास्ट की भयावह घटना में 40 से अधिक श्रमिक घायल हो गए, जबकि एक श्रमिक की मौत की भी सूचना है। हालांकि, खदान प्रबंधन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह पहली शिफ्ट के दौरान करीब 10:30 बजे 27 नंबर विभाग में श्रमिक कोयला खनन कार्य में जुटे थे, तभी अचानक खदान की एक परत से तेज वायु विस्फोट हुआ, जिससे अंदर भारी दबाव बन गया और श्रमिक दूर जा गिरे।
बताया गया कि घटना के समय खदान के भीतर करीब 20 से 25 कर्मचारी मौजूद थे, जिनमें दो अधिकारी भी शामिल थे। अचानक हुए एयर ब्लास्ट से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
एयर ब्लास्ट को खदान की अत्यंत खतरनाक स्थिति माना जाता है, जो भूमिगत कोयला खदानों में छत के धंसने और खाली स्थानों में जमा हवा के अचानक दबाव के साथ बाहर निकलने से होता है, जिससे भारी नुकसान हो सकता है।
प्रत्यक्षदर्शी श्रमिक राकेश कुर्मी के अनुसार अचानक जोरदार धमाका हुआ और तेज हवा के दबाव से सभी लोग जमीन पर गिर पड़े। कुछ ही क्षणों में पूरा क्षेत्र धूल और धुएं से भर गया, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।
घटना के बाद बचाव दल और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालकर रानीगंज, बांसड़ा एरिया अस्पताल, ईसीएल के अन्य अस्पतालों और दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों में ठेका मजदूरों के साथ ईसीएल के अतिरिक्त प्रबंधक दिलीप कुमार भी शामिल हैं।
हादसे के बाद खदान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। श्रमिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है और प्रबंधन पर लापरवाही तथा सुरक्षा उपायों की कमी का आरोप लगाया है।
संगठनों ने घटना की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन और खदान प्रबंधन द्वारा जांच शुरू कर दी गई है और इलाके में श्रमिकों के बीच भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।













