देवास, 14 मई।
देवास जिले में आगरा–मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग के पास ग्राम टोंककला के समीप स्थित एक पटाखा फैक्टरी में गुरुवार सुबह हुए भीषण विस्फोट के बाद लगी आग में तीन श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 12 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सुबह करीब 10.30 बजे फैक्टरी में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके तुरंत बाद पूरी यूनिट में आग फैल गई और स्थिति तेजी से भयावह हो गई, जिससे अंदर मौजूद मजदूरों को बाहर निकलने का अवसर नहीं मिला।
आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे परिसर में घना धुआं भर गया और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। बताया गया है कि इस दौरान भीतर काम कर रहे श्रमिकों को भागने तक का समय नहीं मिल सका।

घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और क्षेत्र में भीड़ जमा हो गई। बताया गया कि यहां कार्यरत श्रमिक बिहार के अररिया जिले से आए हुए थे। जिला प्रशासन और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। फैक्टरी में अब भी बड़ी मात्रा में बारूद और पटाखे मौजूद होने के कारण आग बुझाने के बाद पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करने की कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार घटना स्थल पर लगभग 15 से 20 मजदूर काम कर रहे थे और धमाका लंच से करीब 15 से 20 मिनट पहले हुआ। बताया गया कि उस समय मजदूरों का भोजन भी आ चुका था, लेकिन अचानक हुए विस्फोट के बाद सभी लोग जान बचाकर भागने लगे।

संभागायुक्त आशीष सिंह के पहुंचने पर लोगों ने उन्हें घेरकर विरोध जताया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
बिहार के अररिया निवासी विपिन कुमार ने बताया कि वह मशीन पर काम कर रहे थे, तभी करीब 20 मीटर दूर जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें कई लोग घायल हो गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एंबुलेंस देर से पहुंची।
श्रमिकों के अनुसार फैक्टरी के अलग-अलग कमरों में काम चल रहा था और एक कमरे में हुए विस्फोट ने पूरे हादसे को जन्म दिया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और घायलों के नि:शुल्क उपचार की घोषणा करते हुए शोक व्यक्त किया है।












