भोपाल, 14 अप्रैल
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां उपभोक्ता तुरंत पीएनजी कनेक्शन अपनाएं, जिससे सिलेंडर पर निर्भरता समाप्त हो और गैस की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीएनजी पूरी तरह सुरक्षित है और किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं फैलाया जाना चाहिए।
मंत्री राजपूत ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2925 स्थानों पर जांच की गई है, 4369 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 11 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही 753 पेट्रोल पंपों की जांच भी कराई गई, जिनमें एक मामले में एफआईआर दर्ज हुई है। उन्होंने बताया कि जिला आपूर्ति नियंत्रकों और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं तथा प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है।
उन्होंने यह भी बताया कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कार्य कर रही हैं, जिससे पेट्रोलियम आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए। मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
मंत्री ने निर्देश दिए कि 70 प्रतिशत सीमा के अंतर्गत संस्थानों को निर्धारित प्राथमिकता क्रम के अनुसार आपूर्ति निरंतर जारी रखी जाए तथा सड़क किनारे कारोबार करने वाले छोटे व्यापारियों को भी कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं। सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं ताकि उपभोक्ताओं की मांग पूरी की जा सके। बॉटलिंग प्लांटों और वितरकों के स्टॉक की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए 5 किलोग्राम के सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आमजन से अपील की गई है कि वे इंडक्शन, सोलर कुकर, बायोगैस, गोबरधन और स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाए जा रहे ईंधन जैसे विकल्पों का उपयोग करें।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग को 44 पंजीकृत बायोगैस परियोजनाओं को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 44 जिलों में संचालित 136 बायोगैस प्लांटों को भी सक्रिय करने के आदेश जारी किए गए हैं।
रसोई गैस व्यवस्था पर जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि प्रदेश के बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी का पर्याप्त भंडारण है। घरेलू उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार नियमित रूप से सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि व्यावसायिक उपभोक्ताओं को तय प्राथमिकता के अनुसार आपूर्ति की जा रही है। किसी भी प्रकार की बाधा नहीं है और वितरण व्यवस्था सामान्य रूप से जारी है।
पीएनजी व्यवस्था को लेकर उन्होंने बताया कि सीजीडी संस्थाओं और ऑयल कंपनियों के साथ प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। 1.5 लाख ऐसे घरों को अगले तीन महीनों में पीएनजी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जहां पाइपलाइन मौजूद है लेकिन कनेक्शन नहीं लिया गया है। इसके लिए जिलों में कैंप लगाए जाएंगे और प्रशासन, नगर निकायों तथा ऑयल कंपनियों की संयुक्त भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
निर्देश दिए गए हैं कि जिन स्थानों पर पहले से पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां प्राथमिकता से कनेक्शन दिए जाएं और साथ ही नए क्षेत्रों में पाइपलाइन विस्तार का कार्य भी जारी रहे। अब तक सभी स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं और कोई आवेदन लंबित नहीं है।
साथ ही गृह विभाग, पुलिस, सीएपीएफ, डिफेंस संस्थानों, सरकारी कॉलोनियों और औद्योगिक क्षेत्रों में भी प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्शन देने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि चरणबद्ध तरीके से इन क्षेत्रों को पूरी तरह पीएनजी पर स्थानांतरित किया जा सके।









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