नई दिल्ली, 14 अप्रैल
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने डॉ. अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि विकसित भारत के निर्माण में बाबासाहेब के विचार आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं और युवाओं की प्रतिभा, कौशल तथा नवाचार देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित ‘नो योर लीडर’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करना चाहिए और डॉ. अंबेडकर का जीवन इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि शिक्षा, जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज जब देश विकसित और समावेशी भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब बाबासाहेब के विचार और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं, क्योंकि उनका संघर्ष अन्याय, असमानता और भेदभाव के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता है।
ओम बिरला ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद डॉ. अंबेडकर ने शिक्षा और मेहनत के बल पर ऊंचाइयों को छुआ और अपने जीवन से यह साबित किया कि दृढ़ निश्चय और समर्पण से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है, जिससे वे वंचित और शोषित वर्गों के लिए आशा का स्रोत बने।
उन्होंने यह भी कहा कि समानता का अधिकार और बिना भेदभाव मतदान का अधिकार जैसे प्रावधानों के माध्यम से बाबासाहेब ने मजबूत लोकतंत्र की नींव रखी, जिसका प्रभाव न केवल भारत बल्कि दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों में भी देखा जाता है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व को अपने जीवन का आधार बनाया और इन्हीं मूल्यों को संविधान में समाहित कर राष्ट्र को एक स्पष्ट दिशा दी, जिससे उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे तथा लोकसभा महासचिव सहित कई प्रमुख नेताओं ने संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।






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