नई दिल्ली, 16 मई।
पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में इस बार स्वतंत्रता के बाद अब तक का सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल 93.71 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसने मतदान के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और त्रिपुरा के 2013 के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
पश्चिम बंगाल में मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में संपन्न हुआ था। इससे पहले राज्य का सबसे अधिक मतदान वर्ष 2013 में 84.72 प्रतिशत दर्ज किया गया था, लेकिन इस बार यह आंकड़ा काफी बड़े अंतर से पार हो गया।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 2013 में त्रिपुरा में 93.61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो अब तक देश में सर्वाधिक माना जाता था, लेकिन पश्चिम बंगाल ने 93.71 प्रतिशत मतदान के साथ यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
विश्लेषण में यह भी सामने आया कि पूर्वोत्तर राज्यों जैसे त्रिपुरा, नगालैंड और मणिपुर में लंबे समय से 90 प्रतिशत से अधिक मतदान होता रहा है, लेकिन इस बार पश्चिम बंगाल ने सभी को पीछे छोड़ दिया है। प्रारंभिक आंकड़ों में 92.67 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो बाद में बढ़कर 93.71 प्रतिशत हो गया।
आंकड़ों के अनुसार महिला मतदाताओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। पहले चरण में 92.69 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया, जबकि पुरुषों का मतदान प्रतिशत 90.92 रहा। अन्य राज्यों में भी असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में उच्च मतदान दर्ज किया गया।
तमिलनाडु में कुल 84.69 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसने 2011 के अपने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। असम में 85.38 प्रतिशत और पुडुचेरी में 89.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।









