भोपाल, 9 जुलाई।
भोपाल जिले में शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तर पर सेंट्रलाइज्ड एजुकेशन मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत अत्याधुनिक कंट्रोल कमांड रूम बनाया जाएगा। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने शिक्षा व्यवस्था की निगरानी, गुणवत्ता सुधार और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए यह पहल करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर मिश्रा ने गुरुवार को सांदीपनी विद्यालय, टीटी नगर में आयोजित बैठक में समग्र शिक्षा अभियान की समीक्षा की। बैठक के बाद उन्होंने विद्यालय की कक्षाओं का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यालय के मेस में छात्रों के साथ सहभोज भी किया।
बैठक में जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ शासकीय विद्यालयों, पीएम श्री, नवोदय और केंद्रीय विद्यालयों के प्राचार्य भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों की लगातार समीक्षा की जा रही है, इसलिए जिले में शिक्षा की गुणवत्ता और निगरानी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कलेक्टर मिश्रा ने नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यालयों में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण से जोड़कर रोजगार के लिए तैयार किया जाए।
उन्होंने जिले में सकल नामांकन अनुपात बढ़ाने, अटल टिंकरिंग लैब को सक्रिय करने और प्रत्येक विद्यार्थी में कम से कम एक व्यावहारिक कौशल विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही आरटीई के तहत पात्र बच्चों का समय पर प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित एसडीएम और जिला शिक्षा अधिकारी प्राचार्यों के प्रथम संपर्क अधिकारी होंगे। उन्होंने ड्रॉप-आउट विद्यार्थियों का सही डेटा पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए और लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
उन्होंने सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी शत-प्रतिशत बनाने और स्कूल परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। स्कूल बसों की नियमित जांच, पैनिक बटन और सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के साथ चालकों और परिचालकों के ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में विद्यालयों के सोलराइजेशन, शिक्षकों के प्रशिक्षण, समग्र शिक्षा अभियान के निर्माण कार्यों और पीएम पोषण योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण भोजन व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
एडिशनल डीसीपी मंजूलता खत्री ने बताया कि पुलिस विभाग की ओर से संचालित सृजन संवाद कार्यक्रम के माध्यम से कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अपराधों से बचाव और सकारात्मक जीवन मूल्यों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
बैठक के अंत में कलेक्टर मिश्रा ने सभी विद्यालयों को अपने नवाचारों, उत्कृष्ट कार्यों और बेहतर व्यवस्थाओं की जानकारी फोटो व वीडियो सहित जिला प्रशासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि अच्छे प्रयासों को प्रोत्साहित किया जा सके।















